Thursday, January 5, 2012

कविता : इस नए साल की प्रियतम तुझको कैसे दू बधाई. (Happy New Year 2012)

 
इस नए साल की प्रियतम तुझको कैसे दू बधाई.
रोता है तेरे बिन ह्रदय, सुनी आँखे है भर आई..
इस दूर-देश की आबोहवा में डसती है तन्हाई...
 
कसक जगा जाती है दिल में, आके याद पुरानी.
फीकी लगती है तेरे बिन,हर रूत की रंगत नूरानी.
देख के हर शय को लगता है,खड़ी है तू शरमाई.
इस नए साल..............................
 
खिंच रहे है मन को मेरे, तेरे प्रीत के धाग्गे.
जोर नहीं चलता है कोई,बेबस हूँ इनके आगे.
सिसकती है  तेरे खातिर,उम्मीदों की कलियाँ कुह्म्लाई..
इस नए साल..............................
 
ख़त के खतूत से ख्वाहिस मन के,रहते है अधूरे.
ना जाने दर्दे-जुदाई के ये दिन, कब तक होंगे पूरे.
चुभती है काँटों की मानिंद,अब अपनी ही परछाई.
इस नए साल.............................

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