उसके बल्ले से निकला क्या भयंकर आग.
सारे बोलरों का तहस-नहस किया दिमाग.
इंदौर की गलियों में आज फिर गरजा सह्बाग.
आज अपने बीरू ने खेला क्या जबरदस्त.
पहाड़ जैसा रिकॉर्ड भी क्षण में हुआ ध्वस्त.
आसीन हुआ फिर इंडियन सर्वोच स्कोर की गद्दी पर.
आज झूम रहा है पूरा देश उसकी इस उपलब्धि पर.
दुश्मनों का दिल भी जिसने कर दिया बाग़-बाग़.
इंदौर की गलियों में आज फिर गरजा सह्बाग.
खुदा कसम जब चलता है अपने बीरू का बल्ला.
गूंगे-बहरे भी करते है खूब जोर-जोर से हल्ला.
उसके ही खेल से मिलता है क्रिकेट का सही स्वाद.
बहूत दिनों तक रखते है लोग उसकी पारी को याद.
जिस से रहस्य और रोमांच का जलता है चिराग.
इंदौर की गलियों में आज फिर गरजा सह्बाग.

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