Thursday, December 8, 2011

कविता : सबके पसंद, देव आनंद, रुखसत हुए संसार से.........

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सबके पसंद, देव आनंद,
रुखसत हुए संसार से.
महरूम हो गये चाहने वाले,
अपने अज़ीज़ फनकार से.
हर फ़िक्र को धुवों में उड़ाने वाला चला गया.
मस्ती बनकर सबके दिल पर छाने वाला चला गया.
आज सच में जग को छोड़ गया गाईड  वाला राजू,
छवि सदाबहार की बचाने वाला चला गया.
जिसने फिल्म-जगत का मान बढाया
अपने फन और किरदार से.
सबके पसंद, देव आनंद,
रुखसत हुए संसार से.
जीवन-शैली उनकी भी थी क्या गजब निराली.
जब देखों चेहरे पर नृत्य करती थी खुशहाली.
जोश-जवा दिलों की भी हो जाती थी ठंडी,
जब देव साहब की कातिल अदा पर बजती थी ताली.
याद करेगी दुनिया हरदम
इस हस्ती को प्यार से..
सबके पसंद, देव आनंद,
रुखसत हुए संसार से.

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