Friday, August 26, 2011

गजल : जिल्लत की जिंदगी से अच्छा है शान से मर जाना


जिल्लत की जिंदगी से अच्छा है शान से  मर जाना.
मौत से बदतर है मौत के  खौफ से डर जाना.
जिन्दादिली है जिंदगी को मुस्कुरा के जिना ,
बुजदिली है दौरे गम में टूटकर बिखर जाना.
पसंद है जिंदगी को हरदम कदम का चलना,
बदनुमा दाग है जिंदगी पर कदम का ठहर जाना.
तौहीनी है जिंदगी की एहसान किसी का लेना,
गैरत है जिंदगी का कुछ कर गुजर जाना.
कहती है जिंदगी हर तकदीर से पहले,
ये मुसाफिर अपनी मंजिल के दिल में उतर जाना.
"नूरैन" मौत का हमसफर बन के रुखसत होने तक,
आखरी खावाहिस है जिंदगी की नाम रोशन कर जाना.

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