Wednesday, February 25, 2015

ग़ज़ल : कितना भी भूले जमाना गुजर जाता हैं











कहाँ आसानी से जख्मे-जिगर जाता हैं !!
कितना भी भूले जमाना गुजर जाता हैं !!
मुहब्बत में हमने पायी हैं वो मक़ाम,
की वफ़ा के नाम से ही दिल डर जाता हैं !!
आ जाती है जब कभी कोई याद पुरानी,
मौजे वक़्त का हर लम्हा ठहर जाता हैं !!
दयारे बज्म में उम्मीदें अब सजती नहीं,
सेहरा सरे रिवायत से पहले उतर जाता हैं !!
हम रकीबों में भी हैं सलामत अभी तक,
हमदर्द चेहरों से रोम-रोम सिहर जाता हैं !!
ये शहर तेरी निस्बत से फारिग हैं हम
कहाँ रूह से कभी गावँ का असर जाता हैं !!

मुहब्बत तू सच में खूबसूरत बहुत हैं


मुहब्बत तू सच में खूबसूरत बहुत हैं 
आज दिलों में तेरी जरूरत बहुत हैं 

तू ना हो तो रिश्तों में फासले बढ़ जाते हैं 
नफरत करने वालों के हौसले बढ़ जाते हैं 

हर फर्क मिटा देती हैं तूं अपने और पराये में 
कितना सुन्दर लगता हैं जीवन आकर तेरे साये में 

यूँ तो जिंदगी जीने के सूरत बहुत हैं 
मुहब्बत तू सच में खूबसूरत बहुत हैं 

हसरत मेरी हैं की तू बयाँ हो हर जुबा से 
तेरी खैर-मकदम की दुआ करते हैं खुदा से 

तेरे पसमंजर में मिट जाये हर फर्क-हर दुरी
तेरे करम  से टूटी उम्मीदें बन जाए सिंदूरी 

इज़हार करने के ज़माने में मुहूरत बहुत हैं 
मुहब्बत तू सच में खूबसूरत बहुत हैं 

Tuesday, December 16, 2014

कविता : काश ! ईश्वर का कुछ ऐसा माया हो जाता

काश ! ईश्वर का कुछ ऐसा माया हो जाता 
देश के सारे भ्रष्ट नेताओ का सफाया हो जाता

फ़िर बेबस लाचार जनता को मिल जाती चिर सुकून
कोई जनहित के नाम पे न पीता गरीबों का खून 
             थम जाता सिलसिला बेशुमार घोटालों का 
             और रूह तृप्त हो जाती वतन पे मरने वालों का
नि:संदेह,भारतभूमि का कल्प काया हो जाता 
काश ! ईश्वर का कुछ ऐसा माया हो जाता

कसम से लिखे अगर हकीकत इनकी बेहयाई का 
दोस्तों कम बहूत पड़ जायेगा समंदर रौशनाई का 
                  संसद के सोफों से ये करते है बदहाल गावों की निगरानी 
                  इनकी निष्ठुर निर्मम आँखों से सुख चूका है सारा पानी

बरसों से छलती आस्था का,भरपाया हो जाता 
काश ! ईश्वर का कुछ ऐसा माया हो जाता

Monday, December 15, 2014

ग़ज़ल : कुछ भी कर लू मेरे दर से बदहाली नहीं जाती















मेरे दुश्मनो की बददुआ अब खाली नहीं जाती !!
कुछ भी कर लू मेरे दर से बदहाली नहीं जाती !!

लाख हंसने की कोशिश मैं भी करता हूँ लेकिन,
मेरे चेहरे से उदाशियों की रखवाली नहीं जाती !!

ये नादाँ  दिल मत उम्मीदों की अम्बार तू बढ़ा,
दौरे नाकामी में ये बोझ संभाली नहीं जाती !!

कौन चाहता हैं दुनिया में रंजो-गम में रहना,
मगर कुछ मुसीबतें चाहकर भी टाली नहीं जाती !!

तोहमत औरों पे लगाना कहा तक हैं मुनासिब, 
ताउम्र अपनी ही जमीर खंगाली नहीं जाती  !!

Thursday, November 20, 2014

ग़ज़ल : वक़्त के साथ रिश्तों के मायने बदल जाते हैं













 वक़्त के साथ रिश्तों के मायने बदल जाते हैं
आईना वही रहता हैं सिर्फ चेहरे बदल जाते हैं

मजहबे मतलब की इबादत करती हैं ये दुनिया
देखा है आड़े वक़्त पे सारे अपने बदल जाते हैं

मुंसिब इन्साफ का हवाला देता हैं अदालत में
मगर जब बात अपनों की हो क़ायदे बदल जाते हैं

सियासत सड़को तक ही लोगों का दर्द समझती हैं
तख़्त मिलते ही नेताओं के मनसूबे बदल जाते हैं

"नूरैन" सीने में बची हो गर मिलने की ख़्वाहिश,
बड़े अदब से नजदीकियों में फासले बदल जाते हैं

Monday, November 17, 2014

गज़ल ; बड़ा बदला -२ शहर का मिज़ाज़ लगता हैं

हर शख्स आज खुद से नाराज लगता हैं
बड़ा बदला-2 शहर का मिज़ाज लगता हैं
जिन होंठों पे खेलती थी मुस्कुराहट कल तलक 
वहाँ उदासियों का शामो-शहर परवाज़ लगता हैं 

लम्बी हसरतों की भीड़ में रुसवा हुए सब रिश्ते  
बुलंदी की बला हैं अपना भी दूर-दराज लगता हैं 

मिलकर हमारा रहना क्यों खलता हैं सियासत को 
इंसानियत की क़ब्र पे हमेशा तख्तों-ताज लगता हैं 

"नूरैन" ये खुदा तुझको भी कौन पूछता हैं बेवक़्त ,
याद करता हैं तुझे जब कोई गमसाज लगता हैं 

Thursday, November 13, 2014

|||| Congrats तुझको रोहित ||||

क्रिकेट जगत में आज का दिन रहा कुछ खास
भारतीय क्रिकेट टीम ने रच दी नया इतिहास 

जिसके Classic खेल पे आज दुनिया हो गयी मोहित 
पूरी इंडिया के तरफ से Congrats तुझको रोहित 

सच में तू साबित हुआ आज तुरुप का पत्ता 
तेरे छक्कों की नोक पे हिल गया कोलकाता 
शान से तूने हासिल की सर्वोच्च स्कोर की सत्ता 

आज भूल गये स्कोर का आकलन क्रिकेट के पुरोहित 
पूरी इंडिया के तरफ से Congrats तुझको रोहित 

लक्की इडेन की ह्रदय की पूरी हुई गुजारिश 
भारतीय इनिंग में रनों की धुआधार हुई बारिश 
सब श्रीलंकाई गेंदबाज ,लगे आज लावारिश

नये कृतिमान से ONE-DAY को कर दिया सुशोभित 
पूरी इंडिया के तरफ से Congrats तुझको रोहित